समास हिंदी व्याकरण | तत्पुरुष, द्वंद्व, बहुव्रीहि समास

🌟 “Your only limit is your mind. Think big, aim high!”

Exam Instructions:

  • ✅ This exam contains multiple-choice questions (MCQs) designed to test your knowledge effectively.
  • ⏳ Time is an important factor — either each question has a time limit or there is a fixed total time for the full exam.
  • 🕒 Stay focused and answer questions within the given time to avoid missing out.
  • 🎯 Although the exam includes a large pool of over 500 MCQs, only a limited number will be shown randomly per attempt. Refreshing the page presents a new set of questions.
  • ⏭️ You may skip questions, but unanswered ones could be counted as incorrect, so manage your attempts wisely.
  • ⏱️ Practice good time management to maximize your score and finish within the allotted duration.
  • 📚 Make sure to review the related study material before starting for better preparation.
  • 📚 Before starting the exam, read related content to better prepare. Study Material
  • 🌟 Best of luck! Stay confident and give your best — success is just a step away!


📖 Sample Questions

Study Material

00-default_subject_image.png

समास (Samas) – विस्तृत विवरण

समास हिंदी व्याकरण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। "समास" का अर्थ है संक्षेपण, अर्थात् दो या अधिक शब्दों को जोड़कर एक नया, छोटा और अर्थपूर्ण शब्द बनाना। यह प्रक्रिया भाषा को संक्षिप्त, प्रभावी और सुगम बनाती है। संस्कृत, हिंदी, प्राकृत जैसी भारतीय भाषाओं में समास का अत्यधिक प्रयोग होता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में समास और समास-विग्रह से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं, जैसे:

  • समास का प्रकार पहचानें
  • समास-विग्रह करें
  • किस समास से शब्द बना है
  • उचित विकल्प चुनें

समास को समझना शब्दों की संरचना, अर्थ-विस्तार, वाक्यों के संक्षेपण और हिंदी साहित्य की गहराई को जानने के लिए आवश्यक है।

 

समास की परिभाषा

जब दो या अधिक पद बिना कोई विभक्ति लगाए आपस में मिलकर एक अर्थपूर्ण शब्द बनाते हैं, तो इसे समास कहते हैं।
उदाहरण:

  • राजकुमार (राजा + कुमार)
  • रामालय (राम + आलय)
  • जलपान (जल + पान)

इन शब्दों में कई शब्द मिलकर एक नया शब्द बनाते हैं जिसे समास कहा जाता है।

 

समास का मुख्य उद्देश्य

  • भाषा को संक्षिप्त बनाना
  • वाक्यों को छोटा और सुगम बनाना
  • अर्थ को स्पष्ट और प्रभावशाली बनाना
  • साहित्यिक अभिव्यक्ति को सुंदर बनाना

समास का ज्ञान होने से विद्यार्थी शब्दों की उत्पत्ति, अर्थ, संरचना और संस्कृतनिष्ठ शब्दों को आसानी से समझ पाते हैं।

 

समास के चार मुख्य भेद

हिंदी में समास मुख्य रूप से चार प्रकार का माना जाता है:

1. अव्ययीभाव समास

2. तत्पुरुष समास

3. द्वंद्व समास

4. बहुव्रीहि समास

अब हम सभी के विस्तृत रूप, परिभाषा, नियम, उदाहरण और परीक्षा के दृष्टिकोण से अध्ययन करेंगे।

 

अव्ययीभाव समास (Avyayibhav Samas)

अव्ययीभाव समास वह होता है जिसमें समस्त पद अव्यय (अपरिवर्तनीय) की तरह ही प्रयोग होता है, और पूरे शब्द का अर्थ मुख्य रूप से पहला शब्द व्यक्त करता है।

अव्ययीभाव समास का नियम

पहला पद अव्यय होता है, जैसे—

  • उप
  • प्रति
  • बिना
  • सहित
  • पर
  • अंतर
  • अधि
  • यथ

उदाहरण

  • उपकार → उप + कार
  • प्रतिदिन → प्रति + दिन
  • अधोलिखित → अधो + लिखित
  • यथाशक्ति → यथा + शक्ति
  • बिना कारण → निर + कारण

अव्ययीभाव समास के लक्षण

  • पहले पद पर बल होता है
  • संपूर्ण अर्थ पहले पद से निर्धारित
  • वाक्य में अव्यय की तरह कार्य करता है

परीक्षा के लिए टिप

अव्ययीभाव समास में हमेशा पहला पद प्रधान होता है।

 

तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas)

तत्पुरुष समास हिंदी का सबसे बड़ा और सबसे अधिक पूछा जाने वाला समास है।
इसमें दूसरा पद प्रधान होता है और पहला पद उसके संबंध को बताता है।

तत्पुरुष समास का नियम

दोनों शब्दों के बीच जो विभक्ति छिपी होती है, वही इसका आधार है।
जैसे:

  • राजपुत्र → राजा का पुत्र (षष्ठी तत्पुरुष)
  • नगरवासी → नगर में वासी (सप्तमी तत्पुरुष)

 

तत्पुरुष समास के भेद

तत्पुरुष समास 8 विभक्तियों के आधार पर 8 प्रकार का होता है:

1. प्रथमा तत्पुरुष

अर्थ: जो स्वयं उस संबंध को दिखाए।
उदाहरण: चक्रधारी, गजमुख

2. द्वितीया तत्पुरुष

उदाहरण: जलपान (जल का पान), भक्षण

3. तृतीया तत्पुरुष

उदाहरण: लेखनी से लिखित = लेखिलिखित

4. चतुर्थी तत्पुरुष

उदाहरण: ममकार्थ → मेरे लिए कार्य

5. पंचमी तत्पुरुष

उदाहरण: ग्रामातिग (ग्राम से आगे)

6. षष्ठी तत्पुरुष

उदाहरण: रामायण (राम की कथा)

7. सप्तमी तत्पुरुष

उदाहरण: वनचर (वन में चलने वाला)

8. कर्मधारय तत्पुरुष

दोनों शब्द एक-दूसरे के विशेष्य-विशेषण।
उदाहरण: नीलकमल (नीला + कमल)

परीक्षा सुझाव

तत्पुरुष पहचानने के लिए:
दूसरा पद प्रधान + विभक्ति छिपी = तत्पुरुष

 

द्वंद्व समास (Dvandva Samas)

द्वंद्व समास में दोनों पद समान महत्त्व रखते हैं।
अर्थ: दोनों शब्दों को मिलाकर "दोनों" या "सब" का अर्थ निकलता है।

उदाहरण

  • माता-पिता
  • राम-लक्ष्मण
  • पेड़-पौधे
  • हाथ-पैर

द्वंद्व समास का नियम

  • दोनों पद समान मूल्य के
  • अर्थ में “और” निहित
  • कभी-कभी बहुवचन रूप बन जाता है

परीक्षा टिप

माता-पिता = द्वंद्व
क्योंकि दोनों बराबर महत्त्व रखते हैं।

 

बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas)

बहुव्रीहि समास में ना पहला पद प्रधान होता है, ना दूसरा।
समस्त शब्द किसी तीसरे व्यक्ति / वस्तु को दर्शाता है।

उदाहरण

  • पीताम्बर → पीला वस्त्र पहनने वाला
  • चतुर्मुख → चार मुख वाला
  • त्रिलोचन → तीन नेत्र वाला
  • महाबली → महान बल वाला

बहुव्रीहि समास के लक्षण

  • अर्थ किसी और के लिए जाता है
  • पदों के अर्थ से अलग संयुक्त अर्थ
  • विशेषणात्मक प्रकृति

शॉर्ट ट्रिक

अगर समास के दोनों शब्द किसी तीसरी वस्तु की पहचान दे रहे हों → बहुव्रीहि।

 

समास-विग्रह (Samas Vigrah)

समास-विग्रह का अर्थ है—
“समासित शब्द को उसके मूल शब्दों में विभाजित करके उसका अर्थ स्पष्ट करना।”

उदाहरण

  • राजकुमार → राजा का कुमार
    देवालय → देवों का आलय
    जलजीवन → जल में जीवन

समास-विग्रह के नियम

  • अर्थ विस्तार करना
  • छिपी विभक्ति को प्रकट करना
  • पद-प्रधानता पहचानना

 

संधि और समास में अंतर (Exam Favorite)

संधिसमास
ध्वनि परिवर्तनशब्द संक्षेप
दो वर्ण/ध्वनिदो शब्द
उच्चारण आधारितअर्थ आधारित
नियम कमनियम अधिक

 

Competitive Exams में समास का महत्व

समास परीक्षा का सबसे scoring chapter है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

किस समास से शब्द बना है?

  • समास-विग्रह करें
  • वाक्य में सही समास पहचानें
  • तत्पुरुष का कौन-सा भेद है?
  • बहुव्रीहि पहचानें

SSC, UPSC, CTET, TET, Police, Patwari सभी परीक्षाओं में 2–5 प्रश्न निश्चित मिलते हैं।

 

निष्कर्ष (Conclusion)

समास हिंदी व्याकरण का वह अध्याय है जो भाषा को संक्षिप्त, सारगर्भित और सुंदर बनाता है।
तत्पुरुष, अव्ययीभाव, द्वंद्व और बहुव्रीहि — ये चारों समास भाषा की संरचना को शक्ति देते हैं।

समास समझने से:

  • शब्दों का निर्माण स्पष्ट होता है
  • विभक्ति ज्ञान मजबूत होता है
  • संस्कृतनिष्ठ शब्द आसानी से समझ आते हैं
  • Competitive Exams में सीधे लाभ मिलता है

जो विद्यार्थी समास को अच्छी तरह सीख लेते हैं, वे बड़े-बड़े शब्दों और जटिल संरचनाओं को आसानी से समझने में सक्षम हो जाते हैं।